5 मजदूरों ने मेरी जम के चुदाई की | Gangbang sex story

5 मजदूरों ने मेरी जम के चुदाई की | Gangbang sex story

5 मजदूरों ने मुझे घर में अकेले देख मेरे हाथ पैर बांध के मेरी चूत और गांड की चुदाई की

नमस्ते, मेरा नाम सना  है और मैं मुंबई की रहने वाली हु। मैं मुंबई में अपने पति के साथ रहती हु। मेरी उमर 28 साल है, और मेरी शादी 25 साल की उमर में हो गई थी। मेरा रंग गोरा है, और मेरा फिगर 35-26-35 है। शादी के बाद, मैं सिर्फ सारी ही पहनती हु, और अपने शादीशुदा होने के वजह से पूरा श्रृंगार करती हु। मेरा ससुराल उत्तर प्रदेश के एक गांव का है, और मैं और मेरे पति अक्सर मेरे पति के माता पिता के घर उनसे मिलने उत्तर प्रदेश जाते है।

ये उस समय की बात है, जब धुपकाले के एक महीने में, मैं अपने पति के साथ उनके गांव गई थी। गांव का घर काफी पुराना हो चुका था, घर का ऊपरी माला कमज़ोर हो चुका था, और घर के निचले हिस्से के एक कमरे में सीलन लगने लगी थी। हमारे घर पोहोचने से पहले ही, ससुरजी ने घर का काम शुरू कर दिया था। (Delhi Escorts)

 मैं अपने पति के साथ उस गांव में रविवार की पोहोचे, और रविवार को सारे मजदूर छुट्टी लेते है, तो कोई काम पर नहीं आया। पर हमारे गांव पोहोचते ही, सोमवार की सुबह 5 बजे, एक बुरी दुर्घटना हो गई, मेरे ससुरजी के बोहोत ही खास दोस्त जो बगल के गांव में रहते थे, उनका दिहांत हो गया, तो उन्हे मेरी सासुमा के साथ वहा जाना था।

(Gangbang sex story) मेरे पति काफी जिद करने लगे की वो चाचाजी को बोहोत पसंद करते थे, और उन्हें भी ससुरजी के साथ जाना है। पर घर में किसी का रहना जरूरी है, क्युकी कल मजदूर आने वाले थे, और ऊपरी माले का पिलर ठीक करना जरूरी है।

तो सबने ऐसा तय किया की मैं घर पर रुक जाऊंगी और मेरे ससुर, सासुमा, और पति चाचाजी के अंतिम यात्रा में दूसरे गांव जायेंगे। वह सब लोग सुबह सुबह इस गांव के लिए रवाना हो गए, और मुझे बोला मजदूरों पर नजर रखना, वो खुद ही आकर अपना काम कर लेंगे, वो पीछे वाली सीढियां इस्तेमाल करते है और हम सब आज शाम तक वापस आ जायेंगे।

सुबह के कुछ 9 बज रहे थे, मेरे अनुमान के मुताबिक, काम करने वाले मजदूर 11 बजे तक आने वाले, तो मैं नहाने चली गई। और जब मैं नहा ही रही थी, तब मुझे मजदूर की आवाज सुने आने लगी। वो पिछले दरवाजे की सीढ़ी से ऊपर जाकर अपना काम शुरू कर दिए थे। (Gangbang sex story)

 घर का बाथरूम मेन कमरों से अलग था, जैसे की पुराने घरों में होता है। पर मैं अपनी साडी लाना भूल गई थी, सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज ही लेकर आई थी। मैने सोचा मैं घर में अकेली ही हु, अंदर जाकर चेंज कर लूंगी। पर अब तो मजदूर भी आ गए। फिर मैने पेटीकोट पहना, ब्लाउज पहना और टॉवेल से अपना बदन थोड़ा ढका और मैं बाथरूम से निकल कर कमरे की तरफ चलने लगी।

ऊपर के माले से बॉथरूम से कमरे तक का रास्ता साफ दिखाई देता है, (Gangbang sex story) और उस वक्त मेरा अंग गीला था, पेटीकोट और बिना ब्रा का ब्लाउज मेरे शरीर से चिपक रहे थे, ब्लाउज से चिपकता हुआ मेरा गीला गोरा स्तन पर निप्पल, और पेटीकोट से चिपकती हुई मेरी गीली गांड़ दोनो पूरी तरह दिखाई दे रही थी। मैंने ऊपर की तरफ नजर फिराई तो देखा, 5 मजदूर मुझे ही घूर रहे है।

 मैं जल्दी से अन्दर चली गई और दरवाजा बंद कर दिया। ये बात मुझसे छिपी नहीं थी, की मजदूरों ने मुझे आंखों से नंगा कर दिया था। मुझे सबके चेहरों पर एक हवस की मुस्कान दिखाई दे रही थी। पर मैने साड़ी पहनी, और मैं किचन में जाकर काम करने लगी। मुझे उनकी आवाज़ साफ सुनाई दे रही थी। (Gangbang sex story)

 वो 5 मजदूर आपस में बात कर रहे थे। “ये औरत कौन है, इतना कड़क माल़ इस बुढ़ाउ के घर क्या कर रहा है।” “ये उसकी बहू होगी, शहर की रहने वाली है। देखा नही उसका गोरा रंग, गांव की धूप में तो।ऐसा गोरा माल़ काला पड़ जाए।” इस बात पर मुझे उन सबकी हसी की आवाज सुनाई दी। (Mumbai Call Girls)

(Gangbang sex story) “लगता है आज घर पर कोई नहीं है, सिर्फ बहुरानी है।” “बहुरानी की गांड़ तो बड़ी सयानी लग रही थी, मुझे उसके चूचे तो साफ दिखाई दे रहे थे। मेरा लन्ड टाइट हो चुका है।” “धीरे बोल जुनैद, उसे ये सब सुनाई दे रहा होगा।

” मैं ये बात सुनकर घबरा गई, पर मेरे शरीर में एक हल्का सा करेंट जाग उठा। मैने सोचा ये सब मजदूर ऐसे ही होते है, कोई तमीज नही, तरीका नही, इनकी बातों पर ध्यान क्या ही दे। फिर मुझे कुछ ज्यादा आवाज नही आई, सब अपने अपने काम में लग गए, दोपहर के समय, मैंने देखा कि सब मजदूर कही चले गए, और फिर कुछ समय बाद वापस आए।

(Gangbang sex story) मैने उनसे पूछा आपलोग कहा गए थे… उन्होंने जवाब दिया की वो लोग खाना खाने गए थे, अभी फिर काम शुरू करेंगे, उन सभी के चेहरे पर एक हल्की मुस्कान थी, जैसे ये लोग आपस में ही कुछ बात करके आ रहे हो।

 फिर कुछ आधे घंटे बाद, एक मजदूर मुझसे पानी मांगने आया, मैने उसे पानी देने के लिए किचन में चली गई, वो कब मेरे पीछे पीछे किचन तक आ गया, मुझे पता ही नही चला। मैं पानी देने के लिए पीछे मुड़ी तो उसे अपने सामने पाकर डर गई, इतने में उसने मुझे दबोच लिया और मेरा मुंह बंद कर दिया। (Gangbang sex story) उसने मेरी कमर जोर से पकड़ी और मुंह जोर से दबाया और वो मुझे खींचकर मेरे ही कमरे में ले गया। वहा बाकी 4 मजदूर पहले से ही मौजूद थे।

 उन्होंने मेरे मुंह पर पट्टी बांध दी, और मुझसे बोले, “देख बहुरानी तुम्हारी जैसी कमसिन औरत हमने नही देखी। हम गांव में पता लगाकर आए है, तेरे घर वाले शाम तक वापस नही आने वाले। तब तक तू हमारी अमानत है।” ये बोलते ही उन्होंने मुझे मेरे ही बिस्तर पर लिटा दिया। और एक मजदूर ने मेरे दोनो हाथ कस के पकड़ लिए। (Gangbang sex story) वो 5 मजदूर थे, 2 का कद कुछ 5.5 फीट का था, और 2 कुछ 5.9 फीट ऊंचे था और उनमें से एक जिसका नाम असलम था, वो मजदूर मोटा तगड़ा था, 6 फीट से थोड़ा ज्यादा लंबा। उन 5 में से मुझे सिर्फ 3 मर्दों के नाम याद है, असलम, जुनैद, राशिद।

वो सब अपनी शर्ट निकालकर फेंक दिए। उन पांचों का रंग काला था, और राशिद थोड़ा बॉडीबिल्डर टाइप्स मसल्स वाला था। सभी के सभी काफी स्ट्रॉन्ग थे। मैं अकेली काफी असहाय महसूस कर रही थी। असलम मेरी तरफ बढ़ने लगा, और जुनैद राशिद ने मेरे हाथ पैर पकड़ रखे थे, असलम ने मेरा पल्लू हटा दिया और मेरा ब्लाउज खोलने लगा, ब्रा ना पहन ने के वजह से, ब्लाउज खोलते ही मेरे गोरे बड़े चूचे हवा में झूलने लगे। (Gangbang sex story)

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 उसमे हल्के भूरे रंग के निप्पल धीरे धीरे कड़क होने शुरू हो गए। मुझे अंदर ही अंदर एक अलग सी बेचैनी होने लगी, कुछ मीठी, कुछ तीखी, कुछ गुस्सा, कुछ मजा। रशीद ने मेरे चूचे जोर से दबाए और उन्हे चूसने लगा, बिना कोई और कपड़ा हटाए, उसे मेरे चूचे चूसने में मज़ा आने लगा और वो मेरे चूची को काटने लगा। मैं जोर से चीखना चाहती थी, पर मुंह पर पट्टी होने के वजह से कुछ नही कर पाई। “जुनैद नीचे जा, पेटीकोट फाड़ साली का।” ये आवाज सुनते ही मुझे ये आभास हुआ, ये सारे के सारे गैर मर्द है और मैं एक शादीशुदा औरत। (Gangbang sex story)

 गैर मर्दों के सामने नंगा होकर मुझे ये खुशी कैसे मिल रही है। ये कैसे हो सकता है, ये गलत है, मैं झटपटाने लगी, तो एक और मर्द ने आकर मेरी टांग पकड़ ली। और बोला, “रांड़ ज्यादा नखरे मत कर, हमे पता है, तू चुदना चाहती है।” जुनैद मेरा पेटीकोट खोलने लगा, मैं उन 5 मर्दों के सामने नंगी हो चुकी थी, (Goa Escorts) मैने पैंटी भी नही पहनी थी।(Gangbang sex story) राशिद को नग्न बॉडी बिल्डर वाली मसल्स देखकर मैं काफी उत्सुक हो गई। और असलम के मोटे काले शरीर पर पसीना देखकर मुझे थोड़ी बेचैनी होने लगी। मुझे अपने गले में लगे मंगलसूत्र का भी एहसास ना रहा, मैं अपने आप को इन सभी के हवाले कर चुकी थी।

 जुनैद अपनी जुबान से मेरी गीली चूत चाटने लगा, मैं तड़फड़ा गई, वही असलम ने अपनी पैंट उतारी, और अपना टाइट लन्ड निकाला, मैं देख कर दंग रह गई। वो 7 इंच का का काला और काफी मोटा लन्ड था और वो लन्ड मेरे मुंह की तरफ बढ़ रहा था। मेरे पति का लन्ड 4.5 इंच का ही था और वो मोटा नहीं था। राशिद और उसके दोनो चेले भी पूरी तरह नंगे हो गए थे। असलम मेरी मुंह की छुड़ाई करने लगा, और रशीद अपना 6.5 इंच का मोटा लन्ड लेकर मेरी चूत की तरफ बढ़ने लगा। राशिद मेरे ऊपर आकर, मेरी टांगे उठाने लगा और मेरी चूत में अपना लन्ड डालने लगा। (Gangbang sex story)

 मैं इतनी गीली हो चुकी थी, उसके लिए मैं बोहोत ही शर्मिंदा महसूस कर रही थी। राशिद ने जोर के झटके के साथ मेरी चुदाई शुरू कर दी। सभी का लन्ड मेरे पति के लन्ड से अलग था, मजदूरों के लन्ड के सामने वाले हिस्सा नहीं था। एक एक करके मुझे चोदने लगे, कभी मुझे लिटाकर चोदा और कभी घोड़ी बनाकर चोदा। 3 घंटे तक, सब मजदूर एक एक करके मुझे बड़ी बेहेरामी से चोद रहे थे और इस दौरान मैं 6 बार झड़ चुकी थी। हर बार, हर एक मर्द, मेरे कोख में अपना वीर्य चोद रहा था। (Gangbang sex story)

 मुझे हर जगह काट रहा था। “गोरी तेरी चूत इतनी टाइट कैसे? लगता है तेरा नामर्द पति तुझे चोद नहीं पाता।” “ये रांड ऐसेही चुदना चाहती है।” “भर दो इसकी चूत, साली मजदूरों का बच्चा पैदा करेगी।” “इसके गोरे बदन को तो मैं हर जगह काटूंगा, ऐसा गोरे चूचे मैंने अभी तक नही देखे।” मेरे नसीब में 5 मोटे लुंड, मुंह पर पट्टी और आंख में आंसू ही लिखे थे। (Gangbang sex story)

 यही गाली गलाओच करते करते सबने मेरे अंदर अपना वीर्य चोद दिया, फिर असलम ने मुझे उल्टा लिटाकर मेरी गांड़ में अपना लन्ड डाल दिया। मेरी जान निकल गई, और मैं बेहोश हो गई। जब मुझे होश आया तब मैने देखा ये 5 मजदूर अभी भी मेरे जिस्म के साथ खेल रहे है। सबने एक और बार मेरी चुदायी की, कुल मिलाकर हर मर्द ने काम से कम 2 बार मेरी चूत और गांड़ मारी। फिर मुझे अधमरी हालत में नंगा छोड़ दिया। (Gangbang sex story)

 मैने अपने मुंह से पट्टी निकाली और अपने आप को, पूरी तरह इन मजदूरों के वीर्य में डूबा हुआ पाया। मैं एक शादीशुदा औरत ये कैसे कर सकती हु, इस बात की मुझे बोहोत शर्मिंदगी हुई। पर ये एक अलग एहसास था, मैं इतनी बार एक साथ कभी नही झड़ी थी, मैं खुश भी थी और निराश भी। (Bangalore Escorts) लेकिन मेरे पति मुझे कभी इस तरह का सुख नहीं दे पाए, मुझे बस इस बात का डर था, की कही इस चुदाई के मजे की मुझे लत न लग जाए।

 मजदूर मुझे घर में छोड़कर अपने अपने घर चले गए। शाम को जब मेरे परिवार वाले वापस आए तो मैने उन्हे कुछ नही बताया। अगले दिन वो मजदूर फिर आए, और जैसे ही मेरी और उनकी नजर मिली, मेरी चूत से पानी बहने लगा। मेरे चेहरे की मुस्कान देखकर वो समझ गए, की मैं अपनी पवित्रता गवा चुकी हु, और कल वाली चुदाई की खुशी मेरे चेहरे पर साफ झलक रही थी। अगले ही दिन मेरे पति और मुझे मुंबई लौटना पड़ा। (Gangbang sex story)

एक हफ्ते बाद मुझे पता चला मैं प्रेगनेंट हु। मैं समझ गई, ये उसी दिन की चुदाई  का नतीजा है। पर मैंने अपने पति को इस बात की आजतक भनक नहीं लगने दी। आपको मेरी कहानी कैसी लगी, प्लीज कमेंट में बताए। इसके आगे और क्या हुआ वो जान ने के लिए अगली कहानी का इंतजार करे। ये कहानी नहीं, बल्कि मेरी जिंदगी का एक काला  सच है। (Gangbang sex story)

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